Thursday, 10 November 2016

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We create SAIRAM MPTET to help students in preparation of MPTET exams so that everyone can clear this though exam with the help of SAIRAM MPTET.
Study Material Includes lesson-wise summarized material on -

  1. MPTET News 
  2. Child Development and Pedagogy 
  3. Hindi ( language I)
  4. Sanskrit (language II)
  5. Mathematics 
  6. Environmental Studies 
  7. Science 

Tuesday, 8 November 2016

समस्या समाधान और वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बालक

samvida shikshak
1.अन्वेषण का अर्थ है खोज . नए तथ्यों का संकलन , वैज्ञानिक द्रष्टिकोण , जाँच-पड़ताल का गुण .
2. वैज्ञानिक अन्वेषण: वैज्ञानिक विधि से या द्रष्टिकोण से तार्किक ढंग से नयी चीजों की खोज करना , या पहले से स्थापित तथ्यों की खोजपूर्ण पुनः पहचान करना.
3. विद्यार्थी को कक्षा से बाहर समाज में जाकर अपने इस गुण से जीवन का समायोजन प्राप्त करना होता है .
4. इसके लिए छोटे-छोटे प्रयोग शिक्षक कर सकते है . जैसे-दैनिक जीवन में संपर्क में आने वाले व्यक्तियों के व्यवसाय , कार्यकलाप आदि की जानकारी का प्रयास , जैसे डॉक्टर , अख़बार, डाकिया, वकील, बढाई, मोची, सुनार आदि .
5. बच्चो को वैज्ञानिक अन्वेषक बनाने के लिए उसे अलग-अलग जगह पर भ्रमण पर ले जाना ताकि वे उन चीजों के बारे में जान सके.
6. बच्चों को दुकानदारी , बैंकिंग, आदि के खेल खिलाना.
7. ऐसी परिस्थिति का निर्माण करना ताकि बच्चे वैज्ञानिक यंत्रों, धातुओं, वायु संचार आदि के बारे में स्वयं जानकारी प्राप्त कर सकें .
8. वैज्ञानिक अन्वेषक बालक की पहचान : जब बालक अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से किसी समस्या के प्रत्येक पहलु के बारे में जिज्ञासापूर्वक जानने लगता है . इसके लिए आवश्यक है की उसके सामने वैज्ञानिक विधि से दैनिक संभाव्य परिस्थिति या समस्याओं को रखा जाएँ.

खोजपूर्ण परियोजना विद्यालय में बच्चे को या समूह को मिलकर दी जानी चाहिए . विशेषकर अवकाश के दिनों में समूह में मनोरंजक प्रोजेक्ट दिया जा सकता है .

शिक्षक को स्वय भी खोज परियोजना का समन्वय करना होता है . वह स्वयं जब अन्वेषक के रूप में वैज्ञानिक विधि प्रस्तुत करता है तभी बालक में अन्वेषण का गुण विकसित होता है जैसे -क्वेस्ट परियोजना में ऑन्लाइन  जुड़कर समूह में खोजपूर्ण प्रोजेक्ट का संचालन करना . 
samvida shikshak

Monday, 31 October 2016

शिक्षण और अधिगम की मुलभुत प्रक्रियाएं

शिक्षण और अधिगम की मुलभुत प्रक्रियाएं ,बच्चों के अधिगम की रणनीतियां ,अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया.
1.अनुभव ,क्रिया-प्रतिक्रिया,निर्देश आदि प्राणी के व्‍यवहार में परिवर्तन लाते रहते है .यह अधिगम का व्यापक अर्थ है ।

2.सामान्य अर्थ-व्यव्हार में परिवर्तन होना .सीखना ।

3.गिल्फोर्ड -" व्यवहार के कारण में परिवर्तन होना अधिगम है " ( अधिगम स्वय व्यव्हार में परिवर्तन का कारण है .)।

4.स्किनर -" व्यवहार के अर्जन में उन्नति की प्रक्रिया ही अधिगम है "।

5.काल्विन -"पहले से निर्मित व्यवहार में अनुभव द्वारा परिवर्तन ही अधिगम है "।

6.अधिगम की पूरक प्रक्रिया विभेदीकरण या विशिष्टीकरण भी मानी गई है .जैसे -खिलोने के सभी घटकों को अलग कर फिर से जोड़ना ।

7.अधिगम सदैव लक्ष्य-निर्दिष्ट व सप्रयोजन होता है .यदि अधिगम के लक्ष्यों को स्पस्ट और निश्चित कथन में दिया जाये तो अधिगमकर्ता के लिए अधिगम अर्थपूर्ण तथा सप्रयोजन होगा ।

8.अधिगम एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जैसे विकास ।

9.अधिगम व्यक्तिगत होता है अर्थात प्रत्येक अधिगमकर्ता अपनी गति से,रूचि,आकांक्षा ,समस्या,संवेग,शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य आदि के आधार पर सीखता है .इसमें अभिप्रेरनात्मक करना भी होते है ।

10.अधिगम सृजनात्मक होता है .अर्थात अधिगम ज्ञान व अनुभवों का सृजनात्मक संश्लेषण है ।

11.क्रो एव क्रो के अनुसार -"समीक्षात्मक चिंतन/क्रिटिकल थिंकिंग में जिस प्रकार निम्नलिखित मानसिक क्रियाएं होती है उसी प्रकार यह अधिगम से गहरे स्तर पर सम्बंधित है -

  1. दिशा 
  2. व्यख्या
  3. चयन
  4. अंतर्दृष्टि 
  5. सृजन
  6. समालोचना 
12.अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक :

  • बालक के लिए कारक : - 1.सिखने की इच्छा ,2.शैक्षिक प्रष्ठभूमि ,3.शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य.4.परिपक्वता , 5.अभिप्रेरणा , 6.अधिगम कर्ता की अभिवृति, 7. सिखने का समय व अवधि .
  • 8.बुद्धि 
  • अधिगम प्रक्रिया के कारक :- 1. अध्यापक का विषय ज्ञान ,2.शिक्षक का व्यवहार 3.शिक्षक को मनोविज्ञान का ज्ञान ,4. शिक्षण विधि, 5.व्यक्तिगत भेदों का ज्ञान, 6.शिक्षक का व्यक्तित्व , 7.पाठ्य-सहगामी क्रियाएं ,8. अनुशासन की स्थिति.
13. अधिगम उत्तरोत्तर सामंजस्य की प्रक्रिया है .
14.वुद्वर्थ -"नविन ज्ञान और नविन प्रतिक्रियाओं को प्राप्त करने की प्रक्रिया सिखने की प्रक्रिया है ".
15.शिक्षण और अधिगम में सम्बन्ध -यह समान प्रक्रियाएं है ,शिक्षण में शिक्षक,बालक व पाठ्यक्रम है . शिक्षा में शिक्षण ,अधिगम और अनुभव है 
16. शिक्षक जिस प्रकार से पाठ्यक्रम को पढाता है वह प्रक्रिया शिक्षण है . इसमें सिखाना भी निहित होना चाहिए .अतः शिक्षण-अधिगम मिलकर ही पूर्णता होती है .
17. ---अधिगम के नियम ----पावलाव ,स्किनर आदि ने जिस प्रकार अधिगम सिद्धांतवादों का प्रतिपादन किया उसी प्रकार थार्नडायिक ने अधिगम के नियमो का प्रतिपादन किया है - 

  • तत्परता का नियम: जब तक कोई अधिगम कर्ता सिखने के लिए अपने मन से तत्पर नहीं है तब तक अधिगम कठिन है .
  • अभ्यास का नियम : क्युकी शिक्षा,शिक्षण और अधिगम का मूल उद्देश्य विद्यार्थिओं में व्यवहारगत परिवर्तन लाना है . अतः व्यवहार में निरंतर अभ्यास न होने पर उसे भूल जाते है अतः अभ्यास अधिगम में बहुत महत्वपूर्ण है .(प्रयत्न एवं भूल का सिध्धांत).
  • प्रभाव का नियम :  जिस बात की जीवन उपयोगिता जितनी अधिक होगी बालक सिखने के लिए उतना ही अधिक प्रभावित होगा . साथ ही पूर्वज्ञान के प्रभाव में भी वह नए ज्ञान का अधिगम करता है .
18.अधिगम के सिद्धांत :-
साहचर्यवादी
1.अनुकरण सिद्धांत - अनुकरण का सिद्धांत प्लेटो और अरस्तु की उपज है . इसके अनुसार अधिगम की प्रक्रिया में सुनी हुई बात की अपेक्षा देखि हुई या किसी परिस्थिति में घटित हुई बात का प्रभाव अधिक होता है . यही करना है की विद्यार्थी शिक्षक का अनुकरण (नक़ल) करते है .  
2. प्रयत्न एवं भूल का सिद्धांत - थार्नडायिक इस सिद्धांत के प्रणेता है . उनके अनुसार अधिगम , परिस्थिति और उसके परिणामों क बीच पारस्परिक संबंधो का परिणाम है . किसी कार्य को करने का प्रयत्न तो कोई भी कर सकता है किन्तु उसमे सुधर मस्तिस्क की विशेष प्रक्रिया है . मस्तिस्क विकसित होता जाता है और जीरो-इरर की स्थिति आदर्श होती है . नए प्रयोग और नेई खोज आदि के लिए इस सिद्धांत अत्यंत उपयोगी है . 

व्यव्हारवादी - 1. पावलाव का सिद्धांत - इसे पावलाव का अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत /क्लासिकी अनुबंध//शाश्त्रीय अनुबंध सिद्धांत वाद भी कहते है : यह व्यव्हार वादी सिद्धांत है . इसको मानने वालों में पावलाव,स्किनर , वाटसन आदि है . पावलाव ने कुत्तों पर, स्किनर ने चूहों पर, और वाटसन ने खरगोश के बच्चो पर प्रयोग किये. इस सिद्धांत में - " स्वाभाविक उद्दीपक के साथ कृत्रिम उद्दीपक को इस प्रकार अनुबंधित किया जाता है की अनुक्रिया अंत में कृत्रिम उद्दिपक से ही अनुबंधित रह जाती है . इसलिए इसे उद्दीपन-अनुक्रिया -सिद्धांत भी कहते है . अधिगम की दृष्टि से देखें तो बालक को लोरी सुनाना ,प्रशंसा  करना आदि उद्दीपक से धीरे -धीरे जो अनुक्रिया होती है वह अंततः आदत बन जाती है . अर्थात उत्तेजक द्वारा उत्प्रेरण का इस सिद्धांत में बड़ा महत्त्व है . 
नोट - कुत्ते की लार का प्रयोग इसी सिद्धांत में पावलाव ने किया था .   

2. स्किनर का सिद्धांत - इसे क्रियाप्रसूत अनुबंधन का सिद्धांत भी कहते है . यह एक अधिगम प्रक्रिया है जिसके द्वारा अधिगम अनुक्रिया को अधिक संभाव्य और द्रुत बनाया जाता सकता है . स्किनर की मान्यता है की मानव का समग्र व्यवहार  क्रियाप्रसूत  पुनर्बलन है . जब कोई बात  किसी व्यव्हार के किसी रूप को पुनर्बलित करती है तो उस व्यव्हार की आवृति अधिक होती है . प्रबलन जीतना अधिक शक्तिशाली होगा व्यवहार की आवृति उतनी ही अधिक होगी . प्राकृतिक प्रबलन सबसे अधिक शक्तिशाली होते है . अभिवृतिया, जीवन -मूल्य आदि कृत्रिम है परन्तु स्थाई प्रबलन है . .
विशेष -
  1. सर्कस में पशु-पक्षियों के प्रशिक्षण को समझने में स्किनर का प्रयोग सफल हुआ है .
  2. स्किनर से पहले उद्दीपन-अनुक्रिया सिद्धांत पर वाटसन और थार्न डायिक ने भी प्रयोग किये थे . 
  3. थार्न डायिक ने उद्दीपक भोजन रखकर बिल्ली को संदूक का दरवाजा खोलना सिखा दिया .


गेस्टाल्टवादी - 
1. सूझ का सिद्धांत .- व्यव्हार वादी वैज्ञानिकों ने पशु-पक्षियों पर प्रयोग निष्कर्ष मानव के अधिगम से जोड़े जो अधिगमकर्तायों को स्वीकार नहीं था . इन वैज्ञानिकों का मानना है की कुछ सभ्यता तो हो सकती है लेकिन मानव का अधिगम पूरी तरह पशु-पक्षियों के अधिगम की भांति नहीं हो सकता . अधिगम सदैव प्रयोजनपूर्ण होता है . और पशु पक्षियों पर किये जाने वाले कई प्रयोग पूरी तरह कृत्रिम वातावरण पर आधारित होते है . यह सिद्धांत ज्ञान के उद्देश्पुर्ती पर बल अधिक नहीं देता है बल्कि कौशल के विकास पर अधिक बल देता है . सूझ द्वारा अधिगम सिद्धांत केलिए  कोहलर ने प्रयोग किये है . 
 विशेष- गेस्टाल्टवाद एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है रूप -आकार . मनोविज्ञान की यह शाखा मानती है मनुष्य सहज परिस्थितियों में चीजों को समझते हुए उसका एक रूपाकार अपने मस्तिस्क में स्थापित कर लेता है . ...
(समाप्त)
   

बच्चे कैसे सोचते और सीखते है ,बच्चे शाला प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में क्यों और कैसे असफल होते है ...

बच्चे कैसे सोचते और सीखते है ,बच्चे शाला प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में क्यों और कैसे असफल होते है ...
1.पारंपरिक शिक्षण-प्रणाली बालक परीक्षा -केन्द्रित अध्ययन करता रहा है इस कारण उसका चिंतन भी परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करना रहा है .
2.इसी कारण से उनके कौशलों के विकास पर प्रश्न चिन्ह रहा है .नयी पद्धतियों ने शिक्षण-प्रणाली को बाल-केन्द्रित और कौशल आधारित बनाया है इससे बालको की सोच और द्रष्टिकोण में परिवर्तन आया है .
3.बच्चो के स्कूली प्रदर्शन में असफलता के निम्नलिखित कारण माने गए है -

  1. अभ्यास की कमी 
  2. तत्परता की कमी 
  3. अनुकूल वातावरण का आभाव
  4. छात्र का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य 
  5. प्रेरणा का आभाव 
4.असफलता से बचने या निराशा से उबरने के उपाय - 

  1. बार्डर-लाईन/ख़राब प्रदर्शन की सीमा में है -उनकी परामर्श /उपचारात्मक प्रणाली सुद्रढ़ करना.
  2. असफलता के भय से मुक्त कराना और विषय के प्रति मैत्री भाव स्थापित करना. टू रिलीज द फोबिया .
  3. जो पहले से असफल है उसे असफलता की निराशा से उबारना और सतत संपर्क के माध्यम से नयी प्रेरणा भरना.
  4. पुनरावृति/पुनः प्रेरणा का लगातार प्रयोग करना.
  5. असफलता में निर्देशन व परामर्श की बड़ी भूमिका होती है .असफलता बालकों को अनेक प्रकार से आत्महत्या तक ले गई है .अतः शिक्षक और शिक्षा प्रणाली को मिलकर असफलता को शिक्षशात्र में सफलता के सूत्र में बदलने का कार्य करना है .

Friday, 28 October 2016

वर्ण विचार

वर्ण -
मुख से उच्चारित ध्वनियों को लिखित रूप देना वर्ण कहलाता है .

वर्ण भेद -
1.स्वर  2. व्यंजन
  • स्वर -इनका स्वतंत्र उच्चारण संभव है .
  • अ , आ  , इ ,ई ,उ ,ऊ ,ऋ , ए ऐ.ओ औ ,/ऑ
  • ऋ - को हिंदी में अशुद्ध स्वर माना गया है .
  • हिंदी में शुद्ध स्वरों की संख्या 10 होती और कुल 11 है .
  • स्वरों का वर्गीकरण -
  • उच्चारण की अवधि ( मात्राकाल ) के आधार पर तीन भागो में किया गया है -
  • 1. हस्व स्वर - अ,इ,उ, ऋ ( कुल 4 ) इन्हें बोलने में समय कम लगता है .इन्हें मूल स्वर ,एकमात्रिक स्वर या लघु स्वर भी कहा जाता है .
  • 2.दीर्घ स्वर - आ,ई ,ऊ,ए,ऐ,ओ,औ (कुल 7 ) ,इन्हें बोलने में हस्व स्वर से दुगना समय लगता है .इन्हें संयुक्त या गुरु स्वर भी कहते है .
  • ओ,ए को शुद्ध संयुक्त स्वर माना गया है .
  • ए ,ऐ,ओ,औ को संधि स्वर या संध्यक्षर भी कहा जाता है .
  • अ+अ= आ                              इ+इ=ई        उ+उ=ऊ         अ+इ=ए       अ+ए=ऐ        अ+उ=ओ        अ+ओ=औ     
  • 3.प्लुत स्वर -प्रत्येक स्वर अपने आप में प्लुत होता है . इनके उच्चारण में हस्व स्वर से तीन गुना समय लगता है . जैसे ओइम/ओइह
  • उच्चारण के आधार पर स्वरों को दो भागो में विभाजित किया गया है
  • 1.अनुनासिक स्वर - उच्चारण में वायु मुख व नाक दोनो से साथ -साथ बहार निकलती है . स्वर के ऊपर चन्द्रबिन्दु लगाकर अनुनासिक बनाया जाता है .
  • 2.निरनुनासिक स्वर -उच्चारण में वायु केवल मुख से बहार निकलती है .सभी 11 स्वर निरनुनासिक स्वर है .
  • जिव्हा की क्रियाशीलता के आधार पर तीन प्रकार के स्वर माने गए है .
  • 1.अग्र स्वर-उच्चारण में जिव्हा का अग्र भाग सक्रिय रहता है .जैसे -इ,ई,ए,ऐ.
  • 2.मध्य स्वर-उच्चारण में जिव्हा का मध्य भाग सक्रीय रहता है . जैसे-अ .
  • 3.पश्च स्वर -उच्चारण में जिव्हा का पीछे का भाग सक्रीय रहता है . जैसे - आ,उ,ऊ,औ,ओ.
  • ओष्ठ की गोलाई के आधार पर दो प्रकार के स्वर माने गए है .
  • 1.वृतमुखी स्वर -उच्चारण में ओष्ठों का आकार वृत्ताकार (गोल) हो जाता है . ( उ,ऊ,ओ,औ)
  • 2.अवृतमुखी स्वर- उच्चारण में ओष्ठों का आकार गोल न होकर अन्य प्रकार का हो जाता है .(अ,आ,इ,ई,ए,ऐ)
  • मुखाकृति के आधार पर स्वर 4 प्रकार के होते है -
  • 1.संवृत -उच्चारण में कम मुख खुलता है .(इ,ई,उ,ऊ )
  • 2.अर्धसंवृत -उच्चारण में संवृत से थोडा अधिक मुख खुलता है .(ए,ओ)
  • 3.विवृत -उच्चारण में मुख सबसे अधिक खुलता है .(आ)
  • 4.अर्धविवृत -विवृत से कम और अर्धसंवृत से थोडा अधिक मुख खुलता है ( अ,ऐ,औ).
  • अं को अनुस्वार कहते है .
  • अः विसर्ग की श्रेणी में आता है .

व्यंजन 

इनका उच्चारण स्वरों की सहायता से होता है . हिंदी में 33 व्यंजन माने जाते है .इन्हें तीन भागो में बांटा गया है .
  • स्पर्श व्यंजन - 
  • उच्चारण स्पर्श -कंठ ,तालू,मूर्धा ,दन्त,ओष्ठ .
  • वर्ण संख्या 25 होती है ( क से म तक ) 
  • क ,च,ट,त,एवं प वर्ग से सभी वर्ण इसमें आते है .
  • अन्तस्थ व्यंजन -
  • इसमें उच्चारण जीभ ,तालू,वर्त्स ,मूर्धा ,दन्त ,ओष्ठ आदि को परस्पर टकराने से होता है ,लेकिन पर्ण स्पर्श नहीं होता .
  • इसमें वर्ण संख्या 4 होती है -य,र,ल,व्.
  • इन्हें अर्धस्वर तथा यण भी कहा जाता है .
  • उष्म व्यंजन -
  • इसमें उच्चारण किसी रगड़ या घर्षण से उत्पन्न उष्म वायु से होता है .
  • इसमें वर्ण संख्या 4 होती है .(श,ष,स,ह)
व्यंजनों का वर्गीकरण मुख्य रूप से दो प्रकार से होता है .
  • 1.उच्चारण स्थान के आधार पर /प्रयत्न स्थान के आधार पर -
व्यंजन+स्वर = प्रयत्न 
वर्ग                        उच्चारण स्थान 
क वर्ग-क ,ख,ग,घ,ड,   (कंठ्य)
च वर्ग-च,छ,ज,झ,       (तालव्य)
ट वर्ग-ट,ठ,ड,ढ,ण,      (मूर्धन्य)
त वर्ग-त,थ,द,ध,न     (दन्त्य)
प वर्ग-प्,फ,ब,भ,म     (ओष्ठ्य)
          य,र,ल,व् ------(अन्तस्थ)
          श,ष,स,ह (काकल्य)----उष्म 

          

पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम

विषय -वस्तु 


  • हमारा परिवार हमारे मित्र -
  • परिवार और समाज में सहसंबंध -परिवार के बड़े बुढे ,बीमार ,किशोर,विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चो की देखभाल 

  • हमारे पशु ,पक्षी - हमारे पालतू पशु पक्षी,माल वाहक पशु ,हमारे आस-पास के परिवेश में जीव  जंतु .
  • हमारे पेड़-पौधे -स्थानीय पेड़ -पौधे ,पेड़-पोधे और मनुष्य की अंत -निर्भरता , वनों की सुरक्षा उनकी आवश्यकता और महत्व .
  • हमारे प्राकृतिक संसाधन -प्रमुख प्राकृतिक संसाधन ,उनका संरक्षण ,उर्जा के पारंपरिक और नवीनीकृत एवं अनविनिक्रित स्त्रोत .

  • खेल और कार्य -
  • खेल ,व्यायाम और योगासन 
  • पारिवारिक उत्सव,विभिन्न मनोरंजन के  साधन-किताबें,कहानियां,कठपुतली प्ले,मेला आदि.
  • विभिन्न काम-धंधे ,उद्योग और व्यवसाय .
  • आवास -
  • पशु,पक्षी,और मनुष्य के विभिन्न आवास,आवास की आवश्यकता और स्वस्थ्य जीवन के लये आवास की विशेषताएं.
  • स्थानीय इमारतों की सुरक्षा ,सार्वजनिक सम्पति,राष्ट्रीय  धरोहर और उनकी देखभाल.
  • उत्तम आवास और उसके निर्माण में प्रयुक्त सामग्री.
  • शौचालय की स्वच्छता,परिवेश की साफ-सफाई और अच्छी आदतें .
  • हमारा भोजन -
  • भोजन की आवश्यकता ,भोजन के घटक .
  • फल एवं सब्जियों का महत्त्व पौधो के अंगो के अनुसार फल ,सब्जियां .
  • भोज्य पदार्थो का स्वास्थ्यवर्धक संयोजन .
  • विभिन्न प्रकार के भोजन और उन्हें पकाने की विधिया.
  • उत्तम स्वाथ्य हेतु भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा के उपाय .
  • पानी और हवा-
  • जीवन के लिए पानी और हवा की आवश्यकता .
  • स्थानीय मौसम ,जल चक्र और जलवायु परिवर्तन .
  • पानी के स्त्रोत ,उसके सुरक्षित रखरखाव और संरक्षण के तरीके .
  • संक्रमित वायु और पानी से होने वाले रोग ,उनका उपचार और बचाव ,अन्य संक्रामक रोग .
  • हवा,पानी,भूमि का प्रदुषण उससे सुरक्षा ,विभिन्न अपशिष्ट पदार्थ और उनका प्रबंधन उचित निस्तारण .
  • भूकंप,बाढ़,सुखा,आदि आपदाओं से सुरक्षा और बचाव के उपाय .
  • आवागमन और यातायात -
  • आवागमन के साधन ,थल,जल,वायु संबधी साधन और उनका महत्त्व .
  • संचार की प्राचीन एवं नवीनतम आधुनिक सुविधाएँ.
  • सुरक्षित यातायात और संकेतो का महत्त्व 
  • प्रमुख राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्ग,वायुमार्ग.
  • जलयान और वयुयान तैयार करने के राष्ट्रीय -अंतर्राष्ट्रीय स्थल आदि .
  • प्राकृतिक वस्तुएं और उपज -
  • सूती ,ऊनी ,रेशमी कपडा निर्माण के रेशे और उनका उत्पादन.
  • मिटटी ,पानी,बीज और फसल का संबध ,जैविक-रासायनिक खाद.
  • विभिन्न फासले ,उनके उत्पादक क्षेत्र .
  • फसल उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि कार्य और उपकरण .
  • मानव निर्मित साधन एवं उसके क्रियाकलापों का प्रभाव -
  • वनों की कटाई और शहरीकरण ,पारिस्थितिक संतुलन पर प्रभाव.
  • ओजोन क्षय ,अम्लीय वर्षा,ग्लोबल वार्मिंग,ग्रीन हॉउस प्रभाव आदि.
  • आपदा प्रबंधन 
  • पर्यावरण पास एवं दूर -
  • सजीव-निर्जीव ,समानताएं ,असमानताएं 
  • शरीर के बहा अवं आतंरिक अंग उनकी रचना एवं कार्य .
  • अपने गाँव ,शहर की जिले की स्थिति,राज्य और देश ,पंचायत और शासन 
  • पर्वत,पठार ,नदियों की जानकारी और उनका भौगोलिक महत्त्व.
  • पृथ्वी,सूर्य,चन्द्रमा और तारों का सम्बन्ध ,दिन-रात का होना ,ऋतुओं का बनना आदि .
पर्यावरण का अध्ययन Pedagogical issues  

Tuesday, 25 October 2016

बाल विकास प्रश्नोत्तर 2

Q.1 किशोरों में द्वन्द्व उभरने का प्रमुख कारण है ----
A पीढ़ियों का अन्तर
B अवसरों की प्रतिकूलता 
C निराशा तथा निस्सहायता
D किशोरवस्था में स्वप्न दर्शन 
Ans. B 
Q.2 पाठ्यचर्चा है ----
A शिक्षण पद्धति एवं पढ़ाई जाने वाली विषय - वस्तु 
B विधालय का सम्पूर्ण कार्यक्रम 
C मूल्यांकन प्रक्रिया 
D कक्षा में प्रयुक्त पाठ्य-सामग्री
Ans. B 
Q.3 डिस्लेक्सिया संबंधित है ---
A मानसिक विकार
B गणितीय विकार
C पठन विकार
D व्यवहार संबंधी विकार
Ans. C 
Q.4 टर्मन के अनुसार बुद्धि-लब्धि होती हैं ---
A 120 - 140
B 110 - 135
C 90 - 110
D 80 - 90
Ans. C 
Q.5 जब बच्चें को कोई नियम या सिद्धांत सिखाना हो तो अध्यापक प्रयोग करेगा ---
A आगमन विधि
B निगमन विधि 
C विश्लेषण विधि 
D कहानी कथन विधि 
Ans. A 
Q.6 श्यामपट्ट पर लिखते समय सबसे महत्वपूर्ण हैं ---
A अच्छा लेख 
B लिखने में स्पष्टता 
C बड़े अक्षर 
D छोटे अक्षर 
Ans. A 
Q.7 भूल भुलैया परीक्षण के लिए उपयुक्त आयु है ---
A 10 से 16 वर्ष 
B 6 से 14 वर्ष 
C 1 से 3 वर्ष 
D 5 से 10 वर्ष 
Ans. D 
Q.8 समायोजन की प्रकिया है ---
A स्थिर
B गतिशील 
C स्थानापन्न 
D अवरोधी
Ans. B 
Q.9 शिक्षा मनोविज्ञान अध्ययन करता है ---
A प्रेरणा व पुनर्बलन के प्रभाव का अध्ययन 
B वंशानुक्रम व वातावरण का अध्ययन 
C ध्यान वंश रूचि का अध्ययन 
D वैयक्तिक भेदों का अध्ययन 
Ans. B 
Q.10 छोटी कक्षाओं में शिक्षक की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता है ---
A पढ़ाने की उत्सुकता 
B धैर्य व दृढ़ता 
C शिक्षा विधियों का ज्ञान
D मानक भाषा का ज्ञान 
Ans. B 
Q.11 "बालक में सामाजिक भावना का विकास जन्मजात होता है।" आप इस कथन से ---
A पूर्णत:सहमत है 
B सम्भवत: सहमत है 
C असहमत है 
D कुछ सीमा तक सहमत है 
Ans . C
Q.12 छात्रों में परस्पर सहयोग की भावना विकसित करने के लिए आप---
A इसके लाभ बनायेंगे 
B अन्य शिक्षकों के साथ मिलकर काम करेंगे 
C सहयोग भावना की कहानी सुनाएंगे 
D सहयोग न करने वाले को दण्डित करेंगे 
Ans. B
Q.13 बच्चों की वृद्धि के अनुरूप, उनकी रुचियाँ ---
A बहुमुखी हो जाती है 
B सुदृढ व सीमित हो जाती है 
C अनियमित दिशा मे चली जाती है 
D पहले जैसी रहती है 
Ans. A 
Q.14 शिक्षा का सबसे बड़ा उदेश्य हैं ---
A छात्र धन कमा सके 
B ज्ञानार्जन कर सके 
C बेहतर जीवन जिए
D सम्मान पा सके 
Ans. B
Q.15 एक बालक को संतुलन, सुधरेपन और स्वच्छता का अनुपालन करता है, तो यह सूचक है ---
A रूचि का
B अभिवृति का
C प्रशंसा का
D मूल्य का
Ans. C
Q.16 स्वभाव और प्रकृति से छोटे बच्चे होते हैं ---
A डरपोक तथा संकोची
B निर्भीक तथा स्वंतत्र
C शांत तथा सक्रिय 
D सक्रिय तथा जिज्ञासु 
Ans. D
Q.17 छात्र उस शिक्षक को पसंद करते हैं जो ---
A समस्याएं सुनता है 
B नाराज नही होता है 
C समय का पाबंद है 
D सुन्दर है 
Ans. A
Q.18 प्रौढ़ शिक्षा के लिए आयु वर्ग है ---
A 6 -16 वर्ष 
B 12 -18 वर्ष 
C 18- 50 वर्ष 
D 15 - 35 वर्ष 
Ans. D 
Q.19 समाज की उन्नति का मूल है ---
A बाल - बालिका शिक्षा एकसमान हो
B बालिका शिक्षा को कम महत्व मिलें
C बालिका शिक्षा अलग विधालय में हो
D केवल महिला अध्यापक हो
Ans. A 
Q.20 छोटे बच्चे की ज्ञानेंद्रियों को क्रियाशील व सक्षम बनाने हेतु 
A उनके समक्ष सामग्री रखकर निरिक्षण करवाएंगे 
B वस्तु उठाने - रखने का काम सौंपेंगे 
C उनको क्रियाशील रखेंगे 
D कक्षा-कक्षमें शांत बैठने के लिए कहेंगे 
Ans. C
Q.21 कक्षा में श्रेष्ठ अनुशासन की कसौटी है ---
A शान्ति में आवेष्टित कक्षा 
B कक्षा में शान्तिपूर्ण शिक्षण प्रकिया 
C कक्षा में अपेक्षित सहभागिता 
D शिक्षक - छात्रों का आक्रमक व्यवहार 
Ans. B
Q.22 अनौपचारिक शिक्षा की व्यवस्था की गई है ---
A 6 - 11 आयु वर्ग 
B 9 - 14 आयु वर्ग 
C 15 - 35 आयु वर्ग 
D कोई आयु सीमा नही है 
Ans. D
Q.23 छात्रों मे सामाजिक चेतना विकसित की जा सकती है ---
A अध्यापक के भाषण से 
B उनके साथ विचार विमर्श करने से 
C पसंदीदा पुस्तक पढ़ाने से
D समाचार - पत्रिका पढ़ाने से
Ans. D
Q.24 लम्बे और कठिन शब्दों का उच्चारण करवाने के लिए आप ---
A ऐसे शब्द बार - बार बुलवाएंगे
B शब्दों को खण्डों में बाँटकर बुलवाएंगे 
C मिलते-जुलते उच्चारण वाले शब्द पहले बुलवाएंगे 
D A व B दोनों
Ans. D
Q.25 राष्ट्रीय साक्षरता मिशन की देन है ----
A कोठारी कमेटी 
B राधाकृष्णन आयोग
C राष्ट्रीय शिक्षा नीति 
D मुदालियार आयोग 
Ans. C
Q.26 कोई छात्र आपके प्रश्नों के उत्तर नही देता तो आप ---
A स्वयं बता देंगे 
B सहायक पुस्तक से मदद लेने को कहेंगे 
C अन्य बच्चो से मदद लेने को कहेंगे 
D उत्तर न देने का कारण जानेंगे
Ans. C
Q.27 माध्यमिक छात्रों के लिए स्वकेन्द्र परीक्षा प्रणाली उपयुक्त है क्योंकि ---
A विधालय से दूर नही जाना पड़ता 
B नकल में सुविधा होती है 
C अपने केन्द्र पर अनुशासित रहते है 
D दूसरे परीक्षा केन्द्र परी छात्र निराश हो जाते है
Ans. A 
Q.28 कक्षा में अध्यापक को अधिकाधिक प्रश्न पूछने चाहिये क्योंकि ---
A प्रधानाचार्य प्रसन्न होते हैं 
B कक्षा-कक्ष में अनुशासन रहता है 
C छात्रों को अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है 
D शिक्षक को अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है 
Ans. C
Q.29 जो प्रेरक वातावरण के संपर्क में आने से विकसित होते हैं, वे है ---
A जन्मजात प्रेरक 
B प्राकृतिक प्रेरक
C अर्जित प्रेरक
D उपरोक्त सभी 
Ans. D
Q.30 व्याख्यान देते समय कोई उदण्ड छात्र बाधा उत्पन्न करता है तो आप ---
A उसे दण्ड देंगे 
B कक्षा से बाहर निकाल देंगे 
C चुप रहने के लिए कहेंगे 
D धैर्यपूर्ण उसकी बात सुनेंगे 
Ans. D
Q.31 बच्चों में व्यक्तिगत शैक्षिक विभिन्नता का प्रमुख कारण है ---
A वंशानुक्रम 
B वातावरण 
C बुद्धि का अन्तर 
D वंशानुक्रम तथा वातावरण 
Ans D
Q.32 अध्यापक कक्षा में प्रवेश करते ही छोटे - छोटे प्रश्न पूछता है, वह बच्चों का कौनसा परीक्षण कर रहे है ---
A मौखिक 
B लिखित
C प्रायोगिक 
D क्रियात्मक 
Ans. A 
Q.33 अध्यापक छात्रों के व्यक्तिगत विभेद किस प्रकार सर्वोत्तम ढंग से जान सकता है ---
A निबंध लिखवाकर 
B वाद - विवाद प्रतियोगिता से
C परीक्षा परिणाम से
D मनोवैज्ञानिक परीक्षण से
Ans. D 
Q.34 किस विधि में अध्ययनकर्ता, बच्चों या माता-पिता या अध्यापक से मिलकर विविध प्रश्न पुछता है ---
A साक्षात्कार विधि 
B वैयक्तिक विधि 
C निरीक्षण विधि 
D प्रयोगात्मक विधि 
Ans. A 
Q.35 कम्प्यूटर शिक्षा की सिफारिश किस आयोग ने की ---
A नई शिक्षा नीति 
B कोठारी कमेटी 
C बेसिक शिक्षा समिति 
D यशपाल समिति 
Ans. A
Q.36 आपका स्थानांतरण ऐसे क्षेत्र में होता है जहां की भाषा आप समझ नही सकते, तो आप ---
A स्थानांतरण का प्रयास करेंगे 
B जो होगा देखा जाएगा 
C भाषा सीखने का प्रयास करेंगे
D अधिकाधिक मौन रहेंगे 
Ans. C
Q.37 शिक्षण कार्य में दैनिक जीवन की घटनाओं कराया समावेश करने से ---
A छात्र प्रसन्न रहते है 
B अध्यापक को ज्यादा परिश्रम नही करना पड़ता 
C शिक्षण रूचिकर, सरल तथा उपयोगी बनता है 
D कक्षा में शान्ति बनी रहती है 
Ans. C
Q.38 आजकल छोटे बच्चों पर पुस्तकों का बोझ अधिक होता है इसके हानिकारक होने के संबंध में आपकी राय है ---
A छात्र प्रत्येक का अध्ययन नही कर सकते 
B अधिक भार से मानसिक विकास अवरुद्ध होता है 
C अध्ययन के प्रति अरुचि उत्पन होती है 
D कंधे की हड्डी पर कुप्रभाव पड़ता है 
Ans. B 
Q.39 छात्रों में श्रम के महत्व के विकास हेतु ---
A शिक्षक को स्वयं श्रम करना चाहिए 
B भाषण देना चाहिए 
C छात्रों को अवसर देना चाहिए 
D श्रमजीवी लोगोके उदाहरण देने चाहिए 
Ans. C 
Q.40 परीक्षा समीप आने पर पाठ्यक्रम पूरा न होने की दशा मे अध्यापक को चाहिए कि ---
A छात्रों को स्वयं पाठ्यक्रम पूरा करने को कहेंगे 
B कुछ चुनिंदा प्रश्न करवा देंगे 
C घर बुलाकर पाठ्यक्रम पूरा करेंगे 
D अतिरिक्त समय देकर पाठ्यक्रम पूरा करेंगे 
Ans. D
41. निम्न में से कौन-सी छात्रों को प्रेरित करने वाली विधि है?
A प्रशंसा B दण्ड C डाँटना D ज्यादा अंक देना
Ans. A 
42. 'शिक्षा' शब्द समानार्थी है-
A निर्देश का B विद्यालयीकरण का C प्रशिक्षण का D उपरोक्त सभी
Ans. D 
43. स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री कौन थे?
A जवाहरलाल नेहरू B हुमायूँ कबीर C मौलाना अबुल कलाम आज़ाद D सरोजिनी नायडू
Ans. C
44 कक्षा में छात्रों की संख्या कम क्यों होनी चाहिए?
A छात्र पर शिक्षक के व्यक्तिगत ध्यानाकर्षण हेतु। B भीड़ कम करने हेतु C अधिक फीस प्राप्त करने हेतु। D इनमें से सभी।
Ans. A
45 . प्रतिभाशाली बालक की क्या विशेषता होती है?
A अध्ययन में अरुचि B सेवाभाव C मानसिक प्रक्रिया की तीव्रता D पर्यटन में रूचि 
Ans. C
46. भारत के संविधान में किस धारा के अंतगर्त प्राथमिक शिक्षा को नि:शुल्क एवं अनिवार्य बनाने का प्रावधान है?
A धारा 33 B धारा 24 C धारा 45 D धारा 13
Ans. c
47. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रत्यय पर्यावरण से प्रभावित होता है?
A बुद्धि B शारीरिक वृद्धि C स्वभाव D उपरोक्त सभी 
Ans. C
48. निम्नलिखित में से किस कारण से बालक में कुण्ठा जन्म लेती है?
A व्यक्तिगत अक्षमता के फलस्वरूप B प्रोत्साहन के अभाव के परिणामस्वरूप
C अभिप्रेरकों के संघर्ष के फलस्वरूप D इनमें से कोई नहीं
Ans. A 
49. निम्न में से कौन-सा एक राष्ट्रीय एकता में बाधक तत्त्व नहीं है?
A भाषावाद B प्रकृतिवाद C जातिवाद D सम्प्रदायवाद
Ans. B 
50. किस परीक्षण में विश्वसनीयता अधिक होती है?
A निबन्धात्मक B संक्षिप्त प्रश्न परीक्षण C वस्तुनिष्ठ परीक्षण D इनमें से कोई नहीं
Ans. C 
51. 'परिवार' शिक्षा का किस प्रकार का साधन है?
A औपचारिक साधन B अनौपचारिक साधन C औपचारिकेत्तर साधन D इनमें से कोई नहीं
Ans. B 
52. विद्यालय का कार्य होता है-
A संस्कृति का संरक्षण B संस्कृति का परिष्करण C संस्कृति के नये प्रतिरुपों का निर्माण D इनमें से सभी
Ans. D 
53. किसी वर्ग का मान जिसकी आवृति सबसे अधिक होती है, उसे क्या कहते हैं?
A मध्यमान B बहुलांक C माध्य D मध्यांक
Ans. A 
54. निरौपचारिक शिक्षा का साधन नहीं है-
A सिनेमाघर B कक्षा शिक्षण C टी.वी D परिवार
Ans. B 
55. निम्नलिखित में से कौन-सी विधि प्रक्षेपण विधि के अंतर्गत आती है?
A मूल्यांकन विधि B कथाबोध विधि C साक्षात्कार विधि D उपरोक्त सभी
Ans. D 
56. नारी शिक्षा के क्षेत्र में क्या समस्या है?
A सहशिक्षा की समस्या B स्त्री शिक्षा में अपव्यय C शिक्षिकाओं की समस्या D उपरोक्त सभी
Ans. D
57. सर्वप्रथम खुला विश्वविद्यालय की स्थापना कब की गई थी?
A 1972 - भारत में B 1969 - अमेरिका में C 1970 - इंग्लैण्ड में D 1969 - रूस में
Ans. C 
58. "ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड' में किस स्तर की शिक्षा के साधन उपलब्ध कराने की बात कही गयी है?
A प्राथमिक शिक्षा B माध्यमिक शिक्षा C उच्च शिक्षा D उपरोक्त सभी 
Ans. A 
59. शैक्षिक अवसरों की समानता के लिए किस आयोग ने संस्तुति की थी?
A माध्यामिक शिक्षा आयोग, 1952 B भारतीय शिक्षा आयोग, 1964
C यशपाल समिति 1992 D नई शिक्षा नीति 1986
Ans. B 
60. बालक को सामाजिक व्यवहार की शिक्षा दी जा सकती है-
A पाठ्यक्रम द्वारा B विद्यालय में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों द्वारा
C अनुशासन प्रक्रिया द्वारा D कक्षा शिक्षण द्वारा
Ans. B 
61. राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 में शिक्षा का निम्नलिखित में से कौन-सा स्वरूप वर्णित है?
A 10+2 B 10+2+3 C 10+3+2 D 10+1+4
Ans. B 
62. विद्यालय के संचालन के लिए आवश्यक है-
A विद्यालय संगठन B विद्यालय प्रबन्धन C विद्यालय प्रशासन D उपरोक्त सभी
Ans. D 
63. भारत में राष्ट्रीय शिक्षा पाठ्यक्रम में समाहित किया गया है ...
A स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास B सांविधानिक दायित्व C पर्यावरण संरक्षण D उपरोक्त सभी 
Ans. D 
64. 3-5 आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाती हैं ...
A औपचारिक B निरौपचारिक C अनौपचारिक D तीनों
Ans. B 
65. विधालय नियम संहिता का प्राथमिक उदेश्य हैं ...
A छात्रों को विधालय संबंधित जानकारी देना B नवीन विधालय में समायोजन की क्षमता विकसित करना 
C अपराधी बालकों को उचित दण्ड प्रदान करना D छात्रों को स्कूली परम्पराका ज्ञान देना 
Ans. C 
66. भाषा को उपयुक्त तरीके से परिभाषित किया जा सकता है ...
A जैविक विकास का परिणाम है B उत्तम समस्या समाधान की दिशा में एक कदम है 
C अनुभवों को प्रकट करने का माध्यम है D आत्म उन्नति का माध्यम है 
Ans. C 
67. कक्षा नियंत्रण की सबसे महत्त्वपूर्ण विधि हैं ...
A प्रजातंत्रिक उपागम B प्रभुत्वादी उपागम 
C छात्रों के दुर्व्यवहार को कम करने के उपाय D निष्पक्ष रूप से विधालय नियमों के अनुपालन की बाध्यता 
Ans. A
68. 'सामान्य शिक्षा' के पाठ्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित तर्क दिया जाता है ...
A छात्रों को आवश्यक ज्ञान उचित रूप से दिया जाए B छात्र को उसके चयनित कार्य के लिए तैयार किया जाए
C नागरिकता और सामाजिक कुशलता प्रशिक्षण दिया जाए D भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की ओर उन्मुख किया जाए
Ans. D
69. एक अध्यापक का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है 
A शिक्षण करना B बच्चों का सामाजिक विकास करना C बच्चों को अनुशासित करना D छात्र संख्या में वृद्धि करना
Ans. A 
70. स्कूल से भागने वाले बालकों को आप 
A समझ - बुझा कर स्कूल में रहने के लिए प्रेरित करेंगे B मिड डे मील खिला कर रोकेंगे 
C कारण जानकर उन्हें दूर करने का प्रयास करेंगे D कोई ध्यान नहीं देंगे 
Ans. C 
71. कक्षा में छात्रों के बैठने का प्रयाप्त साधन नही है, ऐसी स्थिति में आप
A छुट्टी के लिए कहेंगे B समायोजन काल प्रयास करेंगे 
C संस्था प्रबंधन की आलोचना करेंगे D प्रधानाचार्य को प्रबंध करने को कहेंगी
Ans. B 
72. आपकी राय में जीवन का प्रमुख सिद्धांत होना चाहिए 
A प्रतिष्ठित पद व शक्ति B कठिन श्रम व धनवान बनना C गरीबों की मदद D प्रत्येक वस्तु की प्रशंसा 
Ans. C 
73. विधालय में कक्षा प्रबंध ठीक नही होना धोतक है 
A समुदाय में फैली अव्यवस्था का B छात्रों के कुंठित होने का C शिक्षक की अकुशलता का D छात्रों की मानसिक योग्यता Ans. C 
74. शिक्षकों को अच्छे कार्य करने के लिए सबसे अच्छे प्रोत्साहक उपाय निम्न में से क्या है
A धन व प्रशंसा पत्र देना B ऊँचा वेतनमान C प्रशंसकों द्वारा प्रशंसा D ऊँचा वृत्तिक स्तर
Ans. A 
75. शिक्षा का स्तर गिरने का प्रमुख कारण है 
A गैर जिम्मेदार शिक्षक B अभिभावकों का असहयोग C छात्रों की अधिकता D भौतिक सुविधाओं की कमी 
Ans. A 
76. शिक्षण व्यवसाय में जाने का प्रमुख उद्देश्य 
A ज्ञानार्जन करना B जीविकोपार्जन करना C भावी पीढ़ी का निर्माण करना D सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त करना 
Ans. C 
77. शिक्षक को अपनी विषय - वस्तु में निरन्तर नये ज्ञान का समावेश करना चाहिए क्योंकि
A छात्रों को नवीनतम ज्ञान दें सके B छात्र कक्षा में शान्त रह सके 
C छात्र शिक्षक की योग्यता का लोहा माने D अध्यापक की योग्यता का ज्ञान बढ़े
Ans. A 
78. शिक्षा एक त्रिकोणीय प्रकिया है, जो है
A छात्र, शिक्षक, सामाजिक परिवेश B छात्र, शिक्षक, पाठशाला C छात्र, शिक्षक, ज्ञानार्जन D छात्र, शिक्षक, ज्ञान 
Ans. A 
79. मातृभाषा शिक्षण प्राथमिक स्तर पर पढ़ाना बेहतर क्यों हैं 
A बच्चों का आत्मविश्वास विकसित होता है B अधिगम सरल हो जाता है 
C बौद्धिक विकास में सहायक है D बच्चों को स्वाभाविक वातावरण में सीखने में सहायता मिलती है 
Ans. C 
80 . अध्यापक छात्रों में सामाजिक व नैतिक मूल्य सम्प्रेषण कर सकता है 
A मूल्यों पर भाषण देकर B दृश्य-श्रव्य कार्यक्रम दिखा कर 
C पाठ्य सहगामी क्रियाओं की अधिकता से D धार्मिक बातें बताकर
Ans. C